ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के ताबड़तोड़ बल्लेबाज एरोन फिंच अक्टूबर में पाकिस्तान टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करेंगे। फिंच ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक 93 वनडे और 42 टी-20 मैच खेले हैं और अब जाकर उन्हें टेस्ट टीम में मौका मिला है। टेस्ट टीम में जगह मिलने के बाद फिंच ने कहा कि अगर टेस्ट मैच के लिए उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल किया जाता है तो उन्हें अपने आक्रामकता को नियंत्रित करना पड़ेगा।
फिंच ने कहा कि इस आक्रामक प्रभाव के होने की वजह से ही वो क्रिकेट के सिमित प्रारूपों में सफल हैं। अब टेस्ट में देखना होगा कि उन्हें अंतिम ग्यारह में कहां कहां जगह मिलती हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुझे ओपनिंग करने के लिए भेजा जाता है तो मैं अपना नैचुरल गेम ही खेलूंगा। अगर मुझे मध्यक्रम में भेजा जाता है तो वहां मुझे स्पिन और रिवर्स स्विंग का सामना जरूर करना पड़ेगा। इसके लिए अब मैं अपने कप्तान और कोच के साथ बैठकर विचार विमर्श करना चाहूंगा।
फिंच के टीम में शामिल होने से टीम की बल्लेबाजी मजबूत तो होगी ही और साथ में वो काफी अनुभवी भी हैं जिसका फायदा स्मिथ और वार्नर की गैर मौजूदगी में ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिलेगा। फिंच ने कहा कि मैं युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव का फायदा जरूर देना चाहूंगा।
हालांकि टीम में टिम पेन और कोच जस्टिन लैंगर मौजूद ही हैं, लेकिन इनके बावजूद मुझसे जितना हो सकेगा मैं युवा क्रिकेटरों की उतनी मदद करूंगा। पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। पहला टेस्ट मैच 7 अक्टूबर से दुबई में है और दूसरा टेस्ट मैच 16 अक्टूबर से अबू धाबी में होगा।
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