भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए लंदन के मैदान में पांचवे टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 118 रनों से हराकर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम की। इंग्लैंड की टीम ने भारतीय टीम के सामने 464 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। जिसे भारतीय टीम हासिल नहीं कर पाई और 345 रनों पर ऑल आउट हो गई।
आपको बता दें कि जब भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आई, तब मात्र 2 रन पर ही भारतीय टीम के 3 बड़े विकेट गिर चुके थे। 3 विकेट गिरने के बाद तो ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम बहुत बड़े अंतर से हारेगी। लेकिन ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल और विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक दूसरे के साथ मिलकर 200 रनों से अधिक की शानदार साझेदारी की। जिसकी वजह से भारतीय टीम का स्कोर 300 के पार पहुंच पाया।
ऋषभ पंत ने इस तरह बदली कप्तान कोहली की सोच
प्रेस कांफ्रेंस में कप्तान विराट कोहली ने खुलासा करते हुए कहा कि पांचवे टेस्ट के पांचवे दिन मैंने कुछ भी नहीं सोचा था कि हम जीतेंगे या नहीं। बस हैं खेलने के लिए मैदान पर उतरे थे। लेकिन जब ऋषभ पंत और केएल राहुल दोनों ही आक्रामक बल्लेबाजी करने लगे तो मैंने सोचा कि अब कुछ हो सकता है।
आपको बता दें कि पांचवे टेस्ट के आखिरी दिन ऋषभ पंत और केएल राहुल ने आक्रामक बल्लेबाजी की। खासकर ऋषभ पंत ने जिस तरह से तेज़ी से रन जुटाने शुरू कर दिए, उसने विराट कोहली की सोच ही बदल दी। विराट कोहली को लगने लगा कि अब हम जीत भी सकते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ऋषभ पंत एक गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलकर कैच दे बैठे और आउट हो गए। ऋषभ पंत ने 114 रन बनाए जबकि केएल राहुल ने 149 रनों की पारी खेली।
इसी कैच के साथ भारत की सारी उम्मीदें टूट गई। अंततः भारत 118 रनों से मैच हार गया। लेकिन कोहली ने केएल राहुल और ऋषभ पंत के बारे में कहा कि ये भारत के भविष्य हैं और हमने क्या गलती की, हम बैठकर इस विषय पर चर्चा करेंगे।
इस तरह युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने तेज तर्रार बल्लेबाजी से कप्तान कोहली की सोच बदल दी। आप मुझे कमेंट करके बताओ कि ऋषभ पंत को तीनों फॉर्मेट में से किस फॉर्मेट में खिलाना चाहिए।
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